कोरोनावायरस से जंग : केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की पत्नी एवं बेटी ने घर पर बनाये फेस मास्क

देश में 21 दिन राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन चल रहा है और ऐसा लगता कि इसके बढ़ने के आसार है। इसी तरह हम देख सकते है कि लोगों में फेस मास्क, टेस्टिंग किट की आपूर्ति की कमी कहीं न कहीं हो रही जिसके लिए सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है किन्तु लोगों ने कम से कम खुद से फेस मास्क बनाने की ठानी है जिससे एक आवश्यक वस्तु की ज़रुरत कोरोनावायरस के खिलाफ जंग में पूरी हो रही है। इसी पहल में एक ख़ास परिवार ने भी अपना योगदान दिया है।

कोरोनवायरस के प्रकोप के साथ, मास्क की एक अलग कमी हो गई है। पुन: प्रयोज्य मास्क इस समय बेहतर विकल्प हैं क्योंकि इन्हें उपयोग के बीच धोया और साफ किया जा सकता है। यहां तक ​​कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने नागरिकों को सलाह दी है कि यदि वे बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिखा रहे हैं तो पुन: प्रयोज्य मास्क का उपयोग करें।

देश भर में कई लोग और कंपनियां मास्क बनाकर और उन्हें वितरित करने में मदद करने के लिए आगे आई हैं। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की पत्नी और बेटी भी घर पर बनाकर इन फेस मास्क की जरूरत वाले लोगों की मदद करने की पूरी कोशिश कर रही हैं।

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प्रधान ने एक ट्वीट साझा किया जिसमें उनकी पत्नी मृदुला और बेटी नमीशा की तस्वीरें थीं, जो पारंपरिक सिलाई मशीन पर मास्क बनाती रही थीं।

अपने ट्वीट में उन्होंने कहा, “हम सभी को इन कठिन समयों में समाज के लिए अपनी कोशिश करनी चाहिए। मुझे मेरी पत्नी मृदुला और बेटी नैमिशा पर गर्व है जो घर पर हम सभी के लिए सुरक्षा मास्क बना रही हैं, और दूसरों के लिए भी जिन्हें इसकी ज़रूरत है। अपने कौशल को सुधारने और नए कार्य सीखने का बेहतर समय यही है।”

जबकि ये प्रयोग करने योग्य मुखौटे कपड़े से बने होते हैं, वे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और उन लोगों के लिए उचित नहीं हैं जो COVID-19 रोगियों या स्वयं रोगियों के साथ निकट संपर्क में आएंगे। लेकिन वे उन लोगों के लिए अच्छे हैं जो अपनी किराने का सामान और आवश्यक सामान खरीदने के लिए कदम बढ़ा रहे हैं।

भारत के सर्वोच्च विज्ञान सलाहकार निकाय, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय ने कहा है कि ये कपड़े मास्क संक्रमित वायरस से हवा में अभी भी बूंदों के माध्यम से श्वसन तंत्र में प्रवेश करने की संभावना को कम करते हैं। धर्मेंद्र प्रधान की पत्नी एवं पुत्री की इस अनूठी पहल से देश को प्रेरणा मिलती है और कोरोनावायरस से खिलाफ जंग के जज़्बे को आगे बढ़ाती है।

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